उत्तर प्रदेशराजनीति

आजम से जेल में अखिलेश की एक घंटे की मुलाकात, क्या तय हो गई 2027 की रणनीति? आया जवाब

जेल में अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात से यूपी की सियासत गरमाई! 403 सीटों पर मंथन हुआ, लेकिन रामपुर के उम्मीदवार पर सस्पेंस बरकरार।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Akhilesh-Azam Meeting: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खां की रामपुर जेल में हुई मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। करीब एक घंटे चली इस बातचीत में विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संभावित प्रत्याशियों और गठबंधन के सीट बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव के एक बयान ने रामपुर सीट को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया।

सहयोगियों के साथ तालमेल पर चर्चा

अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिमी यूपी की सीटों के साथ प्रदेशभर में सपा के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया। गठबंधन के सहयोगी दलों को कितनी सीटें दी जा सकती हैं और किन सीटों पर कौन से चेहरे उतारे जा सकते हैं, इस पर भी मंथन हुआ। इसके अलावा संगठन को मजबूत करने और भाजपा को घेरने के लिए चुनावी मुद्दों पर भी बातचीत होने की बात सामने आई है। हालांकि, सीटों और उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।

रामपुर सीट पर अखिलेश का जवाब

रामपुर शहर विधानसभा सीट से सपा का उम्मीदवार कौन होगा, इस सवाल पर अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्यों बताऊं, लिस्ट पढ़ लेना।” उनके इस जवाब के बाद सीट के संभावित उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। आजम खां इस सीट से 10 बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनके जेल जाने के बाद उनकी पत्नी तजीन फात्मा भी यहां से विधायक बनी थीं। फिलहाल इस सीट पर भाजपा के आकाश सक्सेना विधायक हैं।

आजम ने नहीं मांगी सीट

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खां ने उनसे कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि कुछ सुझाव दिए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने आजम खां की सेहत को लेकर भी जानकारी दी और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा। अखिलेश और आजम की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हैं। अब निगाहें सपा की उम्मीदवार सूची और गठबंधन के सीट बंटवारे पर टिकी हैं।

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